HOME|हिंदी सूची|हिंदी साहित्य|आरती|
श्री जगन्नाथ जी की आरती विराट भगवान की आरती
श्री बदरीनाथजी की आरती


आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है
Aarti, ãrti, arathi, or ãrati is a Hindu ritual


38GOOG
श्री बदरीनाथजी की आरती

जय जय श्री बदरीनाथ, जयति योग ध्यानी।
निर्गुण सगुण स्वरूप, मेघवर्ण अति अनूप, सेवत चरण सुरभूप, ज्ञानी विज्ञानी। जय जय
झलकत है शीश छत्र, छवि अनूप अति विचित्र, वरनत पावन चरित्र सकुचत बरबानी। जय जय ..
तिलक भाल अति विशाल, गले में मणिमुक्त माल, प्रनतपाल अति दयाल, सेवक सुखदानी। जय जय ..
कानन कुडण्ल ललाम, मूरति सुखमा की धाम, सुमिरत हो सिद्धि काम, कहत गुण बखानी। जय जय ..
गावत गुण शम्भु, शेष, इन्द्र, चन्द्र अरु दिनेश, विनवत श्यामा जोरि जुगल पानी। जय जय ..

Translation - भाषांतर

N/A
38GOOG
References :
http://ind.jagran.com


Created by TransLiteral/ Courtsey {Khapre.org} on 2007-07-07T01:28:12.0000000Z

Comments | अभिप्राय