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वैष्णो देवी जी की आरती भगवान सूर्य की आरती
श्री तुलसी जी की आरती


आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है
Aarti, ãrti, arathi, or ãrati is a Hindu ritual


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श्री तुलसी जी की आरती

जय-जय तुलसी माता।
सब जग की सुख दाता, वर दाता॥ जय-जय ..
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर।
रुज से रक्षा करके भव द्दाता॥ जय-जय ..
बहु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या।
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता॥ जय-जय ..
हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित।
पतित जनों की तारिणी, तुम हो विख्याता॥ जय-जय ..
लेकर जन्म विजन में आई दिव्य भवन में।
मानवलोक तुम्हीं से सुख सम्पत्ति पाता॥ जय-जय ..
हरि को तुम अति प्यारी श्यामवरण सुकुमारी।
प्रेम अजब है उनका तुमसे कैसा नाता॥ जय-जय ..

Translation - भाषांतर

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References :
http://ind.jagran.com


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