HOME|हिंदी सूची|हिंदी साहित्य|आरती|
श्री गायत्री जी की आरती गजवदन विनायक की आरती
श्री गंगा जी की आरती


आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है
Aarti, ãrti, arathi, or ãrati is a Hindu ritual


42GOOG
श्री गंगा जी की आरती

जय गंगे माता श्री जय गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
जय गंगे माता॥1॥
चन्द्र सी जो तुम्हारी जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता॥
जय गंगे माता॥2॥
पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता।
कृपा दृष्टि तुम्हारी त्रिभुवन सुख दाता॥
जय गंगे माता॥3॥
एक ही बार जो तेरी शरणागति आता।
यम की त्रास मिटाकर परमगति पाता॥
जग गंगे माता॥4॥
आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता।
अर्जुन वहीं सहज में मुक्ति को पाता॥
जय गंगे माता॥5॥

Translation - भाषांतर

N/A
42GOOG
References :
http://ind.jagran.com


Created by TransLiteral/ Courtsey {Khapre.org} on 2007-07-06T18:04:43.0000000Z

Comments | अभिप्राय