HOME|हिंदी सूची|हिंदी साहित्य|आरती|
श्रीमद्भागवत आरती माँ श्री जानकी की आरती
श्री अन्नपूर्णा देवी की आरती


आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है
Aarti, ãrti, arathi, or ãrati is a Hindu ritual


33GOOG
श्री अन्नपूर्णा देवी की आरती

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम ..
जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम।
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम॥ बारम्बार ..
प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम।
सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम॥ बारम्बार ..
चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम।
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम॥ बारम्बार..
देवि देव! दयनीय दशा में दया-दया तब नाम।
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल शरण रूप तब धाम॥ बारम्बार..
श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या श्री क्लीं कमला काम।
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी, वर दे तू निष्काम॥ बारम्बार..

Translation - भाषांतर

N/A
33GOOG
References :
http://ind.jagran.com



Created by TransLiteral/ Courtsey {Khapre.org} on 2007-07-06T18:24:09.0000000Z

Comments | अभिप्राय