HOME|हिंदी सूची|हिंदी साहित्य|आरती|सप्तवारोंकी आरती|
रविवार की आरती

सप्तवारोंकी आरती





By TransLiteral on 2007-12-17T04:04:15.5119616Z

आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है । इसमें जलती हुई लौ या इसके समान कुछ खास वस्तुओं से आराध्य के सामाने एक विशेष विधि से घुमाई जाती है । लौ तेल के दीये की हो सकती है या उपलों की । इसमें वैकल्पिक रूप से, घी, धूप तथा सुगंधित पदार्थों को भी मिलाया जाता है । कई बार इसके साथ संगीत (भजन) तथा नृत्य भी होता है । मंदिरों में इसे प्रायः सायंकाल में द्वार के बंद होने से पहले किया जाता है । प्राचीन काल में यह व्यापक पैमाने पर प्रयोग किया जाता था । इसे आधुनिक यज्ञ माना जा सकता है।

Aarti, ãrti, arathi, or ãrati is a Hindu ritual, in which light  from wicks soaked in ghee (purified butter) or camphor is offered to one or more deities. It is said to have descended from the Vedic concept of fire rituals, or homa. The word may also refer to the traditional Hindu devotional song that is sung during the ritual. Aarti is performed and sung to develop the highest love for God. "Aa" means "towards", and "rati" means "the highest love for God" in Sanskrit.



38GOOG
  • रविवार की आरती
    आरतीमे उस उपास्य देवताकी स्तुती की जाती है, जिसकी पूजा या व्रत किया जाता है ।
  • सोमवार की आरती
    आरतीमे उस उपास्य देवताकी स्तुती की जाती है, जिसकी पूजा या व्रत किया जाता है ।
  • मंगलवार की आरती
    आरतीमे उस उपास्य देवताकी स्तुती की जाती है, जिसकी पूजा या व्रत किया जाता है ।
  • बुधवार की आरती
    आरतीमे उस उपास्य देवताकी स्तुती की जाती है, जिसकी पूजा या व्रत किया जाता है ।
  • बृहस्पतिवार (गुरूवार) की आरती
    आरतीमे उस उपास्य देवताकी स्तुती की जाती है, जिसकी पूजा या व्रत किया जाता है ।
  • शुक्रवार की आरती
    आरतीमे उस उपास्य देवताकी स्तुती की जाती है, जिसकी पूजा या व्रत किया जाता है ।
  • शनिवार की आरती
    आरतीमे उस उपास्य देवताकी स्तुती की जाती है, जिसकी पूजा या व्रत किया जाता है ।
38GOOG
References : N/A
Created by TransLiteral/ Courtsey {Khapre.org} on 2007-12-17T04:05:04.0417440Z

Comments | अभिप्राय