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अभिलाषा

भजनामृत





By TransLiteral on 2009-02-12T22:02:00.3836254-05:00

भगवत् नामकी महिमा अपार है, इसलिए भक्तोंके लिये भजनोंका महत्व अमृत-तुल्य है ।



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  • अभिलाषा
    ’अभिलाषा’के अंतर्गत भगवत्प्रेमी संतोंकी सुमधुर कल्याणमयी कामनाओंका दिग्दर्शन करानेवाले पदोंकी छटा भाव-दृष्टिके सामने आती है ।
  • लीला गान
    ’लीलागान’में भगवल्लीकी मनोमोहिनी मनको लुभाती है ।
  • नाम - महिमा
    भगवन्नामकी महिमा अपरंपार है, नामोच्चारसे जीवनके पाप नष्ट हो जाते है ।
  • निवेदन
    ’निवेदन’ मे प्रस्तुत जो भी भजन है, वे सभी विनम्र भावोंके चयन है ।
  • विविध
    ’विविध’ शीर्षकके द्वारा संतोंके अन्यान्य भावोंकी झलक दिखलानेवाली वाणीको प्रस्तुत किया है ।
  • वियोग
    भगवद्वियोगकी पीडाका चित्रण ’वियोग’शीर्षकके अंतर्गत पदोंमें है ।
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References : N/A
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