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विशिष्ट पूजा

विधी





By TransLiteral on 2007-12-29T14:49:03.2505248Z

पूजा विधी       

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  • विशिष्ट पूजा
    ईश्व्ररोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसी..
  • संध्या विधी
    रात या दिनमें जो भी अज्ञानवश विकर्म हो जायँ, वे त्रिकाल-संध्या करनेसे नष्ट हो जाते है।
  • सोलह संस्कार
    इस सृष्टि में उत्पन्न किसी वस्तु को, मनुष्य प्राणी भी, उत्तम स्थिती में लाने का वा करने का अर्थ ’संस्कार’ है।
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