पूजा
TERMS OF SERVICE | TAG : LIT.SERVICE.KEYWORDS.पूजा | TOTAL ITEMS:
  • विधी
    पूजा विधी       
  • दीपावली की पूजा - गौवत्स द्वादशी
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • गौवत्स द्वादशी - महत्व
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • गौवत्स द्वादशी - व्रत-कथा
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • गौवत्स द्वादशी - गोत्रिरात्र व्रत
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • दीपावली की पूजा - रूपचतुर्दशी
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • रूपचतुर्दशी - महत्व
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • रूपचतुर्दशी - उबटन से स्नान
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • रूपचतुर्दशी - हनूमानुत्सव
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है । &..
  • दीपावली की पूजा - लक्ष्मीपूजन श्रीसूक्तसे

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • श्रीसूक्त लक्ष्मीपूजन - प्रथम पूजा

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • श्रीसूक्त लक्ष्मीपूजन - द्वितीय पूजा

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • श्रीसूक्त लक्ष्मीपूजन - तृतीय पूजा

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • श्रीसूक्त लक्ष्मीपूजन - चतुर्थ पूजा

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • श्रीसूक्त लक्ष्मीपूजन - पंचम पूजा

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • श्रीसूक्त लक्ष्मीपूजन - आरती तथा समर्पण

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • दीपावली की पूजा - लक्ष्मीपूजन

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • लक्ष्मीपूजन - सामग्री एवं नियम

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • लक्ष्मीपूजन - विविध पूजन

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • लक्ष्मीपूजन - लक्ष्मी पूजन

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • लक्ष्मीपूजन - आरती

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • दीपावली की पूजा
    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ।&n..
  • दीपावली की पूजा - सरस्वती पूजन

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • दीपावली की पूजा - कुबेर पूजन

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • दीपावली की पूजा - बहीखाता-तुला पूजन

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • दीपावली की पूजा - एकाक्षी नारियल पूजन

    दीपावली के पाँचो दिन की जानेवाली साधनाएँ तथा पूजाविधि कम प्रयास में अधिक फल देने वाली होती होती है और प्रयोगों मे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है ..

  • विशिष्ट पूजा

    ईश्व्ररोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, ..

  • धार्मिक विचार तथा मानसपूजा

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • पूजा-सामग्री और रखनेका प्रकार

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • आचमन और प्राणायाम

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • स्वस्त्ययन

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • संकल्प

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • न्यास

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • गणपति और गौरीकी पूजा

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • प्रदक्षिणा

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • प्रार्थना

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • कलश स्थापन

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • पुण्याहवाचन

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • अभिषेक

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • नवग्रह मण्डल पूजन

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • अधिदेवताओंकी स्थापना

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • प्रत्यधि देवताओंकी स्थापना

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर..
  • दिक्पाल देवताओंकी स्थापना

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • देव पूजामें विहित एवं निषिद्ध पत्र पुष्प

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर..
  • संक्षिप्त पुण्याहवाचन

    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म..

  • विधी

    All main Vidhis/ procedures that you perform.

  • मंगलाचरण
    This daily activities in morning. That can be performed to remember God while you start your day.
  • दत्त उपासना

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे. दत्त म्हणजे प्रत्यक्ष समोर उभे रहाणे, दत्ताची आराधना केल्यास प्रत्यक्..

  • श्री दत्तजयंती - अत्रिमुनीची पत्‍नी अनुसूय...

    श्री दत्तजयंती

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hind..

  • श्री दत्तजन्माख्यान - श्रीगणेशाय नमः ॥ श्रीसरस्...

    श्री दत्तजन्माख्यान

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considere..

  • श्री दत्त नमस्काराष्टक - श्रीगणेशाय नमः ॥ अथ श्रीग...

    श्री दत्त  नमस्काराष्टक

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रू..

  • श्री दत्तस्तुति - यतीरूप दत्तात्रया दंडधारी...

    श्री दत्तस्तुति

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by..

  • श्री दत्तस्तोत्र - श्रीगणेशाय नमः ॥ आदौ ब्रह...

    श्री दत्तस्तोत्र

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे
    Dattatrya is considered by some Hindus,..
  • श्री दत्ताचीं पदें - १ भवतारक या तुझ्या पादु...

    श्री दत्ताचीं पदें

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hin..
  • श्री दत्ताची भूपाळी - उठिं उठिं बा दत्तात्रेया ...

    श्री दत्ताची भूपाळी

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya..
  • श्री दत्त गुरुवारचें भजन - १ तीन शिरें सहा हात । तय...

    श्री दत्त गुरुवारचें भजन

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by so..
  • श्री गुरूदत्ताष्टक - इंदुकोटितेजकीर्णसिंधुभक्त...

    श्री गुरूदत्ताष्टक

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hin..
  • श्री दत्तगुरुकरुणाष्टकम् - दत्तात्रेया तव शरणम् । दत...

    श्री दत्तगुरुकरुणाष्टकम्

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by so..
  • श्री दत्ताचे ध्यान - धृत्वा कमंडलु करे दरटंकमा...

    श्री दत्ताचे ध्यान

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hin..
  • श्री दत्त नमस्कार - नमो गुरुभ्यो गुरुपादुकाभ्...

    श्री दत्त नमस्कार

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindu..
  • श्री दत्त शेजारती - श्रीपाद श्रीवल्लभ स्वामी ...

    श्री दत्त शेजारती

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindu..
  • श्री दत्ताची आरती - त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती द...

    श्री दत्ताची आरती

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindu..
  • श्री दत्त नामजपाचें महत्त्व - ( १ ) दिगंबरा दिगंबरा श्...

    श्री दत्त नामजपाचें महत्त्व

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by..
  • श्री दत्त अभंग - १ श्रीगुरुसारिखा असता...

    श्री दत्त अभंग

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by ..

  • श्री दत्तगुरुपादुकाष्टक - ज्या संगतीनेंच विराग झाला...

    श्री दत्तगुरुपादुकाष्टक

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is cons..

  • श्री दत्तसद्गुरुस्तोत्र - गुरू ! गुणालया ! पराप...

    श्री दत्तसद्गुरुस्तोत्र

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is consi..

  • प्रातःस्मरण

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • प्रातःस्मरण

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • प्रातःस्मरण

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • श्रीदत्तदशक

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • दत्तबावनी

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • दत्तभजनम्

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • श्रीदत्तपञ्चपदी

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • श्री बावनश्लोकी गुरुचरित्र

    बावन ओव्यांच्या ह्या गुरुचरित्रांत प्रत्येक अध्यायाचा सारांश येतो. त्यामुळें त्याच्या पठन-मननानें थोडयावेळांत गुरुचरित्र पठनाचें फळ मिळतें. कांहीं..

  • करुणात्रिपदी.

    दत्तात्रेय पूर्ण अवतार असून, ब्रम्हा, विष्णू आणि महेश यांचे एकत्रीत रूप आहे.
    Dattatrya is considered by some Hindus, to be god who is an incarn..

  • करुणाशतक
    या करूणाशतकाच्या भावविश्वात पांडुरंग व दत्तात्रेय एकाकार झाले आहेत, ज्याची रचना श्री. अनंतसुत विठ्ठल यांनी केलेली आहे.
  • श्री लक्ष्मी कुबेर पूजा
    दिवाळीतील महत्वाचा दिवस म्हणजे लक्ष्मी पूजन.
  • पूजेचे साहित्य

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • आचमन प्राणायाम

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • प्रार्थना व संकल्प

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • इतर पूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • गणपति पूजन

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • वरुणस्थापना व पूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • श्रीलक्ष्मीसरस्वती - इत्यादि देवता पूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • पूर्वपूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • दौतीची पूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • लेखणी पूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • कुबेर,तुला,दीप पूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • ब्राह्मण पूजा

    दिपावली म्हणजे दीपोत्सव हा उत्सव साजरा करुन भोवतालचा अंधार नाहीसा करणे आणि प्रकाशाच्या वाटेने जाणे.

  • स्तोत्र व अष्टोत्तरशत-नामावलिः

    दिवाळीतील महत्वाचा दिवस म्हणजे लक्ष्मी पूजन.

  • पूजा विधी
    पूजा व कथा
    Hindu Pooja Vidhis. The rituals that can be performed during worship of Hindu Gods, Godesses. This collection might contain some of the..
  • नवरात्र पूजा : घटस्थापना
    नवरात्र पूजा विधी : घटस्थापना
  • माहात्म्य

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • अथ मानस पूजा

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • विजयादशमी कथा

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • देवी पूजा विधी

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • घटस्थापना

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • नवदुर्गा स्थापना

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • सायंकाळची पूजा

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • हवन विधी आणि बलिदान

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • उत्थापन आणि विसर्जन

    घटस्थापना किंवा नवरात्रोत्सव म्हणजे ब्रह्मांडातील आदिमायेची आश्विन महिन्यात नंदादीप तेवत ठेऊन मनोभावे पूजा करणे.

    Navratri is a Hindu..

  • रुद्राक्ष धारण विधी

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • रुद्राक्ष महिमा व इतिहास

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • रुद्राक्षाची महती व सामर्थ्य

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • रुद्राक्षाचे शुभाशुभ प्रकार

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • रुद्राक्षाचे मुखांप्रमाणे सामर्थ्य

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • रुद्राक्ष माला विधान

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • माला निर्माण विधी

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • रुद्राक्ष माला भावित

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • माला पूजा विधी

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • पाळावयाचे नियम

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • मंत्रजपाचे नियम

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • अंगानुसार रुद्राक्षधारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • एकमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • द्विमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • त्रिमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • चतुर्मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • पंचमुखी रुद्राक्ष धारण मन्‍त्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • षण्मुखी रुद्राक्ष धारण मन्‍त्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • सप्‍तमुखी रुद्राक्ष धारण मन्‍त्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • अष्‍टमुखी रुद्राक्ष धारण मन्‍त्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • नवमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • दशमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • एकादशमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • द्वादशमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • त्रयोदशमुखी रुद्राक्ष धारण मन्त्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • चतुर्दशमुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • गायत्रीमंत्र व रुद्राक्ष-धारण

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • पंचदेव जप साधना

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • विशिष्ट शिवमंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • विष्णु-गायत्री मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • शक्‍तिसाधना मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • सूर्य गायत्री मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • गणपती गायत्री मंत्र

    रुद्राक्ष अत्यंत पवित्र, शंकरांना अत्यंत प्रिय, तसेच दर्शन, स्पर्श व जप द्वारा सर्व पापे नष्ट होतात.

  • सर्व पूजा
    सर्व पूजा
  • सर्व पूजा - भाग १
    सर्व पूजा.
  • सर्व पूजा - भाग २
    सर्व पूजा
  • सर्व पूजा - भाग ३
  • सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा

    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - Shri Satyanarayan Pooja and Katha (Story)


    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा व्रत

    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा
    Satyanarayan Pooja Vrat
  • सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय पहिला
    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय पहिला
    Satyanarayan Katha - Part 1
  • सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय दुसरा
    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय दुसरा
    Satyanarayan Katha Part 2
  • सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय तिसरा
    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय तिसरा
    Satyanarayan Katha Part 3
  • सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय चौथा
    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय चौथा
    Satyanarayan Katha Part 4
  • सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय पाचवा
    सार्थ श्रीसत्यनारायण पूजा कथा - अध्याय पाचवा
    Satyanarayan Katha Part 5
  • रामनवमीची पूजा व कथा
    रामनवमीची पूजा व कथा
    Ram Navami Pooja and Story behind the same.
  • हरतालिका पूजा व कथा
     ॥ अथ हरतालिका-व्रतपूजा ॥
    (हरितालिका पूजा व कथा)
    Haritalika / Hartalika Pooja Katha

    Other important page..
  • गणेशचतुर्थीची पूजा व कथा
     ॥ अथ गणेशचतुर्थी-व्रतपूजा ॥
    (गणेशचतुर्थीची पूजा व कथा)
  • मंगलागौरीची पूजा व कथा
    ॥ अथ मंगलागौरी-व्रतपूजा ॥
    (मंगलागौरीची पूजा व कथा)
  • दत्तजयंती- व्रतपूजा
    दत्तजयंती- व्रतपूजा
    Pooja to be performed on Datta Jayanti (Birthday of Shri Gurudatta)
  • होलिका - व्रतपूजा
    होलिका - व्रतपूजा
    Pooja perfromed at Holi to worship Deity named Holika.
  • शिवमानसपूजा

    Hindu Pooja Vidhis. The rituals that can be performed during worship of Hindu Gods, Godesses. This collection might contain some of the day specif..

  • श्रीअष्टपुत्रा महालक्ष्मी पाठ

    पूजा व कथा
    Hindu Pooja Vidhis. The rituals that can be performed during worship of Hindu Gods, Godesses. This collection might contain some of ..

  • अथ ब्राह्मणपूजनम्
    अथ ब्राह्मणपूजनम्
  • अथ पूर्वपंचांगम्
    अथ पूर्वपंचांगम्
  • अथ महाभिषेकमंत्रा:
    अथ महाभिषेकमंत्रा:
  • अथ मध्यसप्तांगम्
    अथ मध्यसप्तांगम्
  • अथ उत्तरांगम्
    अथ उत्तरांगम्
  • शांती विधी
    Shanti Vidhi Shanti Vidhi Shanti Vidhi
  • संकष्टी चतुर्थी व्रत
    सर्व संकटांचा नाश करुन इच्छित फ़ळ शीघ्र प्राप्त करुन देणारे श्रीगणपतीचे व्रत.
  • श्रीगणेशव्रतांची माहिती
    श्रीगणेशव्रतांची थोडक्यात माहिती
  • विनायक चतुर्थी व्रत

    सर्व संकटांचा नाश करुन इच्छित फ़ळ शीघ्र प्राप्त करुन देणारे श्रीगणपतीचे व्रत.

  • मंगळागौरी-व्रतपूजा

    मंगळागौरी, नववधूने सुखी संसारासाठी करावयाचे पार्वतीचे व्रत आहे.

    MANGALAGAURI: A festival of newly married bride

  • अथ पूर्वपंचांगम्

    मंगळागौरी, नववधूने सुखी संसारासाठी करावयाचे पार्वतीचे व्रत आहे.

    MANGALAGAURI: A festival of newly married bride

  • अथ मध्यसप्तांगम्

    मंगळागौरी, नववधूने सुखी संसारासाठी करावयाचे पार्वतीचे व्रत आहे.

    MANGALAGAURI: A festival of newly married bride

  • अथ महाभिषेकमंत्रा:

    मंगळागौरी, नववधूने सुखी संसारासाठी करावयाचे पार्वतीचे व्रत आहे.

    MANGALAGAURI: A festival of newly married bride

  • अथ ब्राह्मणपूजनम्

    मंगळागौरी, नववधूने सुखी संसारासाठी करावयाचे पार्वतीचे व्रत आहे.

    MANGALAGAURI: A festival of newly married bride

  • मंगळागौरी-व्रतकथा

    मंगळागौरी, नववधूने सुखी संसारासाठी करावयाचे पार्वतीचे व्रत आहे.

    MANGALAGAURI: A festival of newly married bride

  • अथ उत्तरांगम्

    मंगळागौरी, नववधूने सुखी संसारासाठी करावयाचे पार्वतीचे व्रत आहे.

    MANGALAGAURI: A festival of newly married bride

  • सरस्वती व्रत

    सरस्वती व्रताची कथा योगवासिष्ठ या ग्रथांत ’लिलोपाख्यान’ मध्ये सांगितली आहे

  • सरस्वती व्रत कसे करावे

    सरस्वती व्रताची कथा योगवासिष्ठ या ग्रथांत ’लिलोपाख्यान’ मध्ये सांगितली आहे

  • सरस्वती व्रत - अध्याय पहिला

    सरस्वती व्रताची कथा योगवासिष्ठ या ग्रथांत ’लिलोपाख्यान’ मध्ये सांगितली आहे

  • सरस्वती व्रत - अध्याय दुसरा

    सरस्वती व्रताची कथा योगवासिष्ठ या ग्रथांत ’लिलोपाख्यान’ मध्ये सांगितली आहे

  • सरस्वती व्रत - अध्याय तिसरा

    सरस्वती व्रताची कथा योगवासिष्ठ या ग्रथांत ’लिलोपाख्यान’ मध्ये सांगितली आहे

  • सरस्वती व्रत - अध्याय चौथा

    सरस्वती व्रताची कथा योगवासिष्ठ या ग्रथांत ’लिलोपाख्यान’ मध्ये सांगितली आहे

  • पूजा विधीः

    शास्तोक्त पूजा विधी केल्यानेच पूजा त्या विशिष्ठ देवतेपर्यंत पोहोचते.

  • वास्तुशांतिः

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त.

  • वास्तुशांतिः - वास्तुशांतियागोपकरणानि

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय १

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय २

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ३

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ४

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ५

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ६

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ७

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ८

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ९

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय १०

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय ११

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय १२

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .

  • वास्तुशांतिः - अध्याय १३

    वास्तुशांति पूजा म्हणजे फक्त वास्तुपुरूषाची पूजाच नसून वास्तु बांधताना नकळत घडलेल्या पापांचे प्रायश्चित्त .