shrikrishna
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  • सूरदास - श्रीकृष्ण माधुरी
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेबालें पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । 
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १ से ५

    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करने वाले पदोंका संग्रह किया गया है , तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्ण..

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ६ से १०

    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करने वाले पदोंका संग्रह किया गया है , तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्ण..

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ११ से १५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १६ से २०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद २१ से २५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद २६ से ३०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ३१ से ३५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ३६ से ४०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ४१ से ४५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ४६ से ५०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ५१ से ५५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ५६ से ६०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ६१ से ६५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ६६ से ७०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ७१ से ७५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ७६ से ८०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ८१ से ८५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ८६ से ९०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ९१ से ९५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ९६ से १००
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १०१ से १०५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १०६ से ११०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १११ से ११५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद ११६ से १२०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १२१ से १२५
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १२६ से १३०
    इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।

  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १३१ से १३५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १३६ से १४०
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १४१ से १४५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १४६ से १५०
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १५१ से १५५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १५६ से १६०
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १६१ से १६५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १६६ से १७०
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १७१ से १७५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १७६ से १८०
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १८१ से १८५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १८६ से १९०
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १९१ से १९५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद १९६ से २००
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद २०१ से २०५
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद २०६ से २१०
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्ण माधुरी - पद २११ से २१७
    `श्रीकृष्ण माधुरी` पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है । ..
  • श्रीकृष्णकर्णामृतम् - प्रथमाश्वासः

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • प्रथमाश्वासः - श्लोक १ ते २५

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • प्रथमाश्वासः - श्लोक २६ ते ५०

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • प्रथमाश्वासः - श्लोक ५१ ते ७५

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • प्रथमाश्वासः - श्लोक ७६ ते ११०

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • श्रीकृष्णकर्णामृतम् - द्वितीयाश्वासः

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • द्वितीयाश्वासः - श्लोक १ ते २५

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • द्वितीयाश्वासः - श्लोक २६ ते ५०

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • द्वितीयाश्वासः - श्लोक ५१ ते ७५

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • द्वितीयाश्वासः - श्लोक ७६ ते १०९

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • श्रीकृष्णकर्णामृतम् - तृतीयाश्वासः

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • तृतीयाश्वासः - श्लोक १ ते २५

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • तृतीयाश्वासः - श्लोक २६ ते ५०

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • तृतीयाश्वासः - श्लोक ५१ ते ७५

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • तृतीयाश्वासः - श्लोक ७६ ते १०९

    'श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • श्रीकृष्णकर्णामृतम्

    ’श्रीकृष्ण कर्णामृत’च्या वाचनातून श्रीकृष्णभक्ति अमृताप्रमाणे हे नरदेही आयुष्य अमर बनविते, शिवाय स्तोत्र पठणाचे पुण्य मिळते.

  • श्रीकृष्णसूक्तिः

    भगवान के प्रती सूक्ति मे श्रवण-सुखद,सुन्दर शब्दविन्यास और प्रसाद माधुर्य आदि गुणोंसे समन्वित सारभूत श्लोकोंका संचय किया जाता है।