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भारुड नानक  सिरमें टोपी गलेमें सैली । भारुड चिरंजीवपद चिरंजीवीपद पावावयासी । अध
भारुड - जोगी - हम तो जोगी रे बाबा संजोगी...


भारुड Bharude is a kind of satirical form of presenting the faults of lay human beings. It was started by Eknath who is revered as a saint.

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भारुड - जोगी

हम तो जोगी रे बाबा संजोगी ॥ध्रु०॥

बहूत दिनके पुराणें । बिरला बुझे कोई लाखोंमें । गुरुसाहेब जाणे ॥ १ ॥

जपका जोगी तपका जोगी ना जोगी जुगजुग जावे । हातमो प्याला लिया । प्रेमका जोगी भरभर पीवे ॥ २ ॥

जोगीकू धुंडत जोगया कीने लछे नहीं पाया । एका जनार्दन कृपासो जोगी पकरही लाया ॥ ३ ॥

Translation - भाषांतर

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